पेटलावद

हिंदू एकजुटता और गौ सेवा के संकल्प के साथ गड़ावदिया धाम से निकलेगी दो दिवसीय पद सह वाहन यात्रा,,पत्रकारो से चर्चा करते हुए पीठाधीश्वर श्रीधर बैरागी ने दी जानकारी..!

#Jhabuahulchul 

पेटलावद@आनंदीलाल सिसोदिया 

हिंदू समाज में जागरूकता लाने और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से बालाजी धाम गड़ावदिया के पीठाधीश्वर श्रीधर बैरागी के सानिध्य में आगामी 11 जनवरी से एक विशाल दो दिवसीय पद सह वाहन यात्रा आयोजित की जा रही है

यात्रा का मार्ग और प्रमुख पड़ाव 11 जनवरी, बालाजी धाम गड़ावदिया से शुरू होकर रानीसिंग, घुघरी, करवड़, बामनिया, पेटलावद होते हुए थांदला के मेट्रो गार्डन में रात्रि विश्राम और दिव्य दरबार लगेगा। जहाँ पर्चे के माध्यम से श्रद्धालुओं की समस्याओं का निराकरण होगा। दूसरे दिन 12 जनवरी को यात्रा थांदला रोड, मेघनगर और झाबुआ शहर होते हुए देवझिरी में विशाल बालाजी भक्त समागम के साथ यात्रा की पूर्णाहुति होगी।

​पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए श्रीधर बैरागी जी ने यात्रा के पवित्र उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। प्रत्येक हिंदू परिवार को गौ सेवा से जोड़ना और गौ माता को राष्ट्रीय पशु बनाने हेतु वातावरण निर्माण करना तथा समाज से जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त कर सबके लिए समानता का भाव जगाना है। यह यात्रा दलगत राजनीति और व्यक्तिवाद से पूरी तरह मुक्त रहेगी।

​भक्तों की सुविधा और सुरक्षा

यात्रा की भव्यता को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ​रास्ते में जगह-जगह जलपान, अल्पाहार और अल्प विश्राम की व्यवस्था होगी। सुरक्षा के दृष्टि से दो चिकित्सक और एम्बुलेंस की टीम पूरी यात्रा के साथ रहेगी। ​गड़ावदिया धाम के सेवादार और श्रद्धालु दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। हनुमान जी के धाम से शुरू होकर शिव जी के धाम देवझिरी तक जाने वाली यह यात्रा सत्य की शक्ति और प्राणी मात्र के प्रति करुणा का संदेश देगी।

इस भव्य यात्रा को लेकर समूचे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान जगह-जगह भव्य स्वागत द्वारों और पुष्प वर्षा की तैयारी की गई है। विशेष रूप से युवा शक्ति को धर्म और संस्कृति से जोड़ने के लिए इस यात्रा में युवा व बुजुर्ग संवाद पर भी बल दिया जाएगा। ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और गौ-सेवा के महत्व को समझ सके

आध्यात्मिक दृष्टि से यह यात्रा केवल एक मार्ग से गुजरना भर नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का एक माध्यम बनेगी। यात्रा मार्ग में होने वाले भजन-कीर्तन और बालाजी के जयघोष से पूरा वातावरण धर्ममय हो जाएगा। श्री बैरागी ने जोर देकर कहा कि जब समाज का हर व्यक्ति अपने मतभेद भुलाकर एक ध्वज के नीचे आएगा, तभी राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है। यह यात्रा भक्ति और शक्ति के अद्भुत संगम के रूप में क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगी।

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