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गौ सेवा और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ शुरू हुई दो दिवसीय पदयात्रा का हुआ समापन…

#Jhabuahulchul 

आनंदीलाल सिसोदिया 

बालाजी धाम गढ़ावदिया के पीठाधीश्वर पंडित श्रीधर बैरागी के सानिध्य में सम्पन्न हुई रविवार को दो दिवसीय भव्य पदयात्रा का हुआ समापन। यह पदयात्रा गौ सेवा, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज में जागरूकता के उद्देश्य को लेकर निकाली गई, जिसका मुख्य लक्ष्य गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने हेतु जनचेतना का निर्माण करना था। बालाजी धाम गढ़ावदिया से सुबह 11 बजे यात्रा के शुभारंभ से पूर्व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात जयकारों के साथ पदयात्रा आगे बढ़ी। रानीसिंग होते हुए दोपहर 1 बजे यात्रा ने झाबुआ जिले के भाभरापाड़ा में प्रवेश किया। मार्ग में रानीसिंग, भाभरापाड़ा, घुघरी, गंगाखेड़ी एवं करवड़ , रामगढ़ ,बामनिया सहित विभिन्न गांवों में स्थानीय ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।

इस धर्ममयी पदयात्रा में कथा प्रवक्ता वैष्णवी भट्ट (पेटलावद) एवं राधिका पोरवाल (बेरछा) प्रमुख रूप से शामिल रहीं। बजरंग दल से सोनू डोडियार भी यात्रा का हिस्सा बने। वहीं शामगढ़ निवासी प्रकाश बैरागी पूरी आस्था के साथ बजरंग बली की प्रतिमा को लेकर पदयात्रा में शामिल हुए, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे।
यात्रा में जनप्रतिनिधियों एवं युवा नेताओं की भी उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।

पदयात्रा में प्रतिनिधि और भक्त कदम से कदम मिलाकर चले। बड़ी संख्या में पदयात्री “गौ माता की जय” के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। बालाजी धाम से रावटी पुलिस के सुरेंद्र गड़रिया यात्रा के साथ रहे। झाबुआ जिले की सीमा में प्रवेश करते ही एसडीओपी अनुरक्ति साबनानी एवं करवड़ चौकी प्रभारी प्रहलाद सिंह चुंडावत सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए।

यह पदयात्रा पेटलावद होते हुए थांदला के मेट्रो गार्डन पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया।

गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का आह्वान
पंडित श्रीधर बैरागी ने बताया कि इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक हिंदू परिवार को गौ सेवा के संकल्प से जोड़ना है। साथ ही गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने हेतु समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी इस अभियान का अहम लक्ष्य है।

पदयात्रा का समापन दूसरे दिन 12 जनवरी को हुवा। यह यात्रा थांदला रोड, मेघनगर एवं झाबुआ शहर से होते हुए देवझिरी पहुंची, जहां विशाल बालाजी भक्त समागम के साथ इसका भव्य समापन किया गया।

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