मेघनगर

रसूख के दम पर शासकीय जमीन पर अवैध अतिक्रमण 15 दिनों से निर्माण कार्य जारी,,,मेघनगर अवैध कब्जे पर नगर परिषद के कई पार्षद हुए लामबद्ध ,अवैध निर्माण पर लिखित शिकायत दर्ज..!

#Jhabuahulchul 

मेघनगर@मुकेश सोलंकी 

मेघनगर की जमीनों पर कब्जा जमाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला मेघनगर जनपद पंचायत ऑफिस के पीछे पानी की टंकी के पास, जहां सर्व क्रमांक 535 पर करीब 1 हजार स्कवेयर फिट जमीन पर भूमाफिया द्वारा रसूख के दम पर पक्का निर्माण कार्य कर कब्जा शुरू हो गया है। इस मामले में आज से 15 दिन पूर्व जनपद सीओ ओर नगर के शासकीय जमीन बचाओ अभियान से जुड़े कुछ लोगो ने मौखिक शिकायत संबंधित अधिकारियों से की थी लेकिन उन्हें विधिवत परमिशन और कोर्ट के सहारे की बात लेकर गोलमोल जवाब देकर आँखों मे धूल झोंकने का काम किया गया इतना ही नही संबंधित जिम्मेदारों द्वारा लुका छुपी के इस खेल में कुछ दिनों तक अवैध निर्माण कार्य एक सप्ताह तक बंद भी करवा दिया गया लेकिन फिर से निर्माण कार्य शुरू हो गया तब जाकर नगर परिषद के 5 से अधिक पार्षदों ने चल रहे अवैध निर्माण कार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया एवं सोमवार को राजस्व अधिकारी मेघनगर ,राजस्व मंत्री मध्य प्रदेश शासन ,सूबे के मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम एक लिखित शिकायत दर्ज की है सूत्र बताते है कि अवैध निर्माणकर्ता द्वारा कागजो में बड़ी हेरा फेरी व जादुगरी कर रसुख के दम पर माननीय न्यायालय को गुमराह कर नगर परिषद से परमिशन का हवाला दिया जा रहा है.जबकि यदि मामले की सूक्ष्म रूप से विधिवत जांच की जाए तो निर्माण चल रही जगह की चतुर्थ सीमा एवं संबंधित सर्वे नंबर का उल्लेख पुराने नक्से मौके का मिलान कागजों में नहीं है जिसे लेकर अब 5 से अधिक पार्षदो ने लिखित पत्र में कहा है कि यह भूमि नगर हित के लिए शासकीय मंडी नजूल की भूमि है और इसे जनहित में खाली कराकर उपयोग में लाना चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जमीन सामुदायिक भवन व जनसुविधाओं के लिए काम आ सकती है, लेकिन कब्जाधारियों की वजह से भविष्य में क्षेत्र की। आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल होगा।अब प्रशासन को अब देखना होगा कि इस जमीन को कब्जामुक्त कराकर किस तरह क्षेत्र के विकास में लगाया जाए। फिलहाल लिखित शिकायत पहुंच गई है और लोग अब राजस्व विभाग से कार्रवाई का इंतज़ार है।

मुझे लिखित में शिकायत प्राप्त हुई है मेने इसको लेकर नगर सीएमओ से प्रतिवेदन मांगा है कि किस आधार पर निर्माण की मंजूरी दी गई।

एसडीएम रितिका पाटीदार मेघनगर

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