खवासाझाबुआबामनिया

सत्य कथा,,,अधूरी मोहब्बत का दर्दनाक अंत,,,दो प्रेमियों ने की आत्महत्या,,,बामनिया–खवासा क्षेत्र की सच्ची घटना पर आधारित हृदय विदारक प्रेम कथा,,,पुलिस करती समय पर कार्रवाई बच सकती थी दो जिंदगी…!

जितेंद्र वैरागी/आयुष पाटीदार ✍🏻

इस कथा में सभी नाम काल्पनिक है।

प्यार अक्सर जीवन को नई रोशनी देता है, लेकिन जब वही मोहब्बत रिश्तों के बीच दीवार बन जाए तो उसका अंजाम दर्दनाक भी हो सकता है। बामनिया–खवासा क्षेत्र से सामने आई यह सच्ची घटना ऐसी ही एक अधूरी मोहब्बत की है, जिसने दो जिंदगियों को खत्म कर दिया और पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।

गांव के रहने वाले राहुल अपनी पत्नी रीता के साथ साधारण किंतु शांत जीवन बिता रहे थे। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक राहुल की जिंदगी में रेनू नाम की एक लड़की आ गई। धीरे-धीरे रेनू और राहुल के बीच का लगाव मोहब्बत में बदल गया। यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि अब वह राहुल और रीता के बीच दरार का कारण बनने लगा।

पारिवारिक दबाव और समाज की नजरों का बोझ रेनू पर भारी पड़ने लगा। उसने रिश्ते से खुद को अलग करने का निर्णय लिया। रेनू ने राहुल से बातचीत बंद कर दी और अपना सामान लेकर कहीं और चली गई। जब यह खबर राहुल को लगी कि रेनू न तो घर पर है और न ही उससे मिलना चाहती है, तो उसका दिल टूट गया। उसने दिन-रात रेनू की तलाश की, लेकिन असफल रहा।

हताशा और टूटे दिल के साथ राहुल ने आखिरकार मौत को गले लगा लिया। वह रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन के सामने कूद गया। दिल में दर्द इतना था की ट्रेन के ड्राइवर को भी इशारा करते हुए कहा कि आप आगे आने दो गाड़ी। घटना इतनी भयानक थी कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। गांव तक जब राहुल की मौत की खबर पहुंची, तो वहां मातम पसर गया।

यह खबर रेनू तक भी पहुंची। राहुल की मौत ने उसे अंदर तक झकझोर दिया। वह खुद को इस हादसे की जिम्मेदार मानने लगी। अपराधबोध और टूटे दिल के साथ वह भी इस दुनिया से विदा लेने के लिए मजबूर हो गई। अगले ही दिन रेनू ने गांव के एक कुएं में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

मौत को गले लगाने वाली 14 वर्ष की लड़की के भाई का कहना है। लड़की करीब एक साल से घर से गायब थी। हम कई बार अपने क्षेत्र की चौकी पर। रिपोर्ट लिखवाने गए परंतु किसी प्रकार की पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करी ।यहां तक की जिले में एसपी साहब को भी इस विषय में अवगत कराया। यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती। तो आज दोनों जिंदगी बच जाती।

राहुल और रेनू की अधूरी मोहब्बत का यह अंत गांव वालों के लिए आज एक दर्दनाक याद बन गया है। दोनों की मौत ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर प्यार में रिश्तों और समाज का दबाव क्यों इंसान को जीने नहीं देता।

फिलहाल पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

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