हिंदू समाज का उमड़ा जनसैलाब, विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न…

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झाबुआ डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित हो रहे हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला में दिनांक 30 जनवरी 2026 को कल्याणपुरा स्थित शासकीय हाई सेकेंडरी स्कूल मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में संघ के प्रचारक, संत समाज, आसपास के गांवों से आए हिंदू समाज के बुजुर्ग, महिलाएं, युवक-युवतियां एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य एवं सुसज्जित शोभायात्रा से हुई, जो कल्याणपुरा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल पहुंची। इसके पश्चात संत समाज द्वारा मंदिर स्वरूप में सुसज्जित भारत माता की पूजा-अर्चना की गई। “भारत माता की जय” के जयकारों से सभा स्थल गूंज उठा।
कार्यक्रम में शांति पट्टी विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच पर आसीन संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
मातृशक्ति प्रियंका नायक ने अपने उद्बोधन में पंच परिवर्तन, रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, सनातन संस्कृति पर मंडराते संकट एवं नारी शक्ति की भूमिका पर विचार रखे।
संत श्री माधवदास जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए हिंदू समाज को संगठित होने का आह्वान किया।
संत श्री सुरेश जी व्यास महाराज ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए हम सब एकत्रित हुए हैं और जननी, गौ माता व भारत माता के ऋण को चुकाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठों एवं वेदों पर भी प्रकाश डाला।
संत कमल जी महाराज ने गांवों में समाज की एकता बनाए रखने पर जोर देते हुए जनप्रतिनिधियों से सतर्कता बरतने की अपील की।
संघ के प्रचारक राजेश जी डावर ने मातृशक्ति, हिंदू एकता एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार व्यक्त किए।
कवि मौलवा जी ने माता शबरी, शहीद चंद्रशेखर आजाद, राणा सांगा जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए जनजातीय समाज को हिंदू संस्कृति की आत्मा बताया तथा संजेली गोहत्याकांड की कड़ी निंदा की।
सभा स्थल “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंजता रहा। अंत में संतों द्वारा भारत माता की आरती की गई, जिसका लाभ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने लिया।
कार्यक्रम का आभार विराट हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष प्रकाश राठौड़ ने व्यक्त किया। कार्यक्रम पश्चात उपस्थितजनों ने भोज्य प्रसादी ग्रहण की।




