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थांदला@जीतू वैरागी
थांदला पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे में सुलझाते हुए मृतक की पत्नी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मामला थाना थांदला क्षेत्र का है, जहां एक युवक का शव उसके ही घर में मिलने से सनसनी फैल गई थी। दिनांक 28 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे डायल-112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि कैलाश पिता रायचंद माल (उम्र 25 वर्ष) का शव उसके घर में पड़ा है। सूचना मिलते ही एसडीओपी थांदला एवं थाना प्रभारी थांदला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु गला दबाकर हत्या किए जाने से होना पाया गया। इसके आधार पर थाना थांदला में अपराध क्रमांक 35/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक कैलाश अपनी पत्नी के साथ एक शादी समारोह में गया था। वहां नाचने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। बताया गया कि मृतक अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच पहले से तनाव था। इसी विवाद से आक्रोशित होकर पत्नी ने रात में घर पहुंचने के बाद पास में रखी पगड़ी को रस्सी बनाकर कैलाश का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी न होने के कारण यह मामला पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण अंधा कत्ल बन गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले की साइबर टीम एवं अन्य विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। सतत तकनीकी एवं मनोवैज्ञानिक जांच के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया।
इस सराहनीय कार्य में निरीक्षक अशोक कनेश, उनि नरेश निनामा, सउनि हरेसिंह मुवेल, सउनि शैलेंद्र शुक्ला, प्र.आर. 01 राजेंद्र रावत, आरक्षक 417 मदन, आरक्षक 486 शंकर चरपोटा एवं म.आर. 73 अंजली रावत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक द्वारा इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।


