पेटलावद

श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला बनी में सामूहिक विवाह सम्मेलन की धर्म ध्वजा का भव्य आरोहण..!

#Jhabuahulchul 

रायपुरिया@राजेश राठौड़ 

झाबुआ जिले के सुप्रसिद्ध गौ सेवा तीर्थ श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला, ग्राम बनी में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले निःशुल्क समरसता सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं सप्त दिवसीय शिवशक्ति महायज्ञ के शुभारंभ की कड़ी में धर्म, संस्कृति और सनातन परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। इस अवसर पर सामूहिक विवाह सम्मेलन की धर्म ध्वजा का विधिवत पूजन एवं प्रतिष्ठा अत्यंत श्रद्धा, आस्था और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। इस सम्मेलन में कुल 11 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया। विवाह समारोह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और समाजजन शामिल हुए। सभी विवाह धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुए।

कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह विभाग कार्यवाह आकाश चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अकमाल मालू डामर, संपर्क ग्राम भारती के निलेश देशाई, समाजसेवी मोहन डामर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष हेमंत भट्ट, पेटलावद मंडल अध्यक्ष संजय कहार, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जानी, एडवोकेट अंशुल बैरागी मंदसौर, जनपद अध्यक्ष रमेश सोलंकी, समाजसेवी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने उद्बोधन में वार वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन हरिराम पाटीदार ने किया आभार समिति के अध्यक्ष बगदीराम पाटीदार ने माना।

आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। इस आयोजन में अभी अतिथियों, समाजजनो और ग्रामीणों ने समिति गौशाला परिवार के इस प्रयास की सराहना की। और वर वधु को आशीर्वाद प्रदान किया।

समिति ने सभी अतिथियों का माला पहनाकर और साफा बांधकर स्वागत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में धर्म ध्वजा पूजन से हुई। वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ धर्म ध्वजा का पूजन कर उसे गौशाला परिसर में विधिपूर्वक आरोहित किया गया। धर्म ध्वजा का यह आरोहण न केवल धार्मिक आयोजन का प्रतीक है, बल्कि समाज में संस्कार, समरसता और सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार का संदेश भी देता है।

इस अवसर पर गौशाला परिसर में गंगा, नर्मदा, माही, अनास एवं पंपावती जैसी पावन नदियों से लाए गए जल से भरे कलशों का विशेष पूजन किया गया। इन पवित्र जल कलशों के पूजन ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। श्रद्धालुओं ने इन जल कलशों के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

धर्म ध्वजा स्थापना समारोह में मंदसौर, रतलाम, धार एवं उज्जैन जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित हुए। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और वैदिक घोष के बीच जब कार्यकर्ताओं ने “हर-हर महादेव” एवं “जय हरिहर” के जयघोष लगाए, तो पूरा गौशाला परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु सनातन संस्कृति की जीवंत छवि प्रस्तुत कर रहे थे।

श्रीकृष्ण कामधेनु गौशाला के पीठाधीश्वर आचार्य देवेंद्र शास्त्री कहा कि यह निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक प्रेरणादायी पहल है, जिसका उद्देश्य दहेज जैसी कुरीतियों से मुक्त होकर संस्कारयुक्त, सरल एवं समरस विवाह परंपरा को बढ़ावा देना है। वहीं सप्त दिवसीय शिवशक्ति महायज्ञ के माध्यम से विश्व कल्याण, पर्यावरण शुद्धि, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना के विस्तार की कामना की जा रही है।

आचार्य श्री शास्त्री ने बताया कि श्रीकृष्ण कामधेनु गौशाला बनी लंबे समय से गौ सेवा, धर्म सेवा एवं सामाजिक उत्थान के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाती आ रही है। इस आयोजन के माध्यम से गौशाला ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि धार्मिक अनुष्ठान केवल पूजा तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कार देने और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

धर्म ध्वजा का यह आरोहण आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं शिवशक्ति महायज्ञ की सफलता, मंगलता और दिव्यता का प्रतीक बनकर समस्त क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। साथ ही गौशाला की सेवा में 51 हजार रुपए की राशि दान कर आजीवन सदस्यता लेने वाले दानदाताओं का सम्मान किया गया।

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