खवासा

मकर संक्रांति पर सावधानी जरूरी: चाइना डोर बन रही जानलेवा, खवासा के युवक सुरेश मईड़ा ने पेश की मानवता की मिसाल,,,चाइना डोर में फंसा बगुला बचाई जान..!

#Jhabuahulchul 

खवासा@आयुष पाटीदार/आनंदीलाल सिसोदिया 

कल मकर संक्रांति का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। छतों पर पतंगें उड़ेंगी, आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से सजेगा और चारों ओर त्योहार की खुशियाँ नजर आएंगी। लेकिन इस उल्लास के बीच थोड़ी-सी लापरवाही इंसानों और बेजुबान पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

पतंग उड़ाने में उपयोग की जाने वाली चाइना डोर और नुकीली मांझा न केवल पक्षियों के लिए घातक है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और बच्चों के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। हर वर्ष ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जिनमें गर्दन में मांझा फंसने से लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं और अनेक पक्षी तड़प-तड़प कर अपनी जान गंवा देते हैं।

मकर संक्रांति के दिन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है। ऐसे में वाहन चालकों से अपील है कि वे हेलमेट जरूर पहनें, गर्दन ढककर रखें और सतर्कता के साथ वाहन चलाएं। वहीं पतंग उड़ाने वालों से आग्रह है कि वे केवल सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल सूत की डोर का ही उपयोग करें और चाइना डोर से पूरी तरह दूरी बनाएं।

मानवता की मिसाल बना खवासा का युवक सुरेश मईड़ा

इसी बीच मानवता और जीव-दया की एक प्रेरणादायक मिसाल खवासा गांव में देखने को मिली। अपनी जान की परवाह किए बिना गांव के युवक सुरेश मईड़ा ने ऊंचाई पर फंसे एक बगुला को नया जीवन दान दिया। यह साहसिक कार्य अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला…?

मिली जानकारी के अनुसार खवासा के मुरली मोहल्ले में एक ऊंचे करंज के पेड़ पर एक बगुला घातक चाइना डोर (मांझा) में बुरी तरह फंस गया था। बगुला खुद को छुड़ाने के लिए काफी देर से पंख फड़फड़ा रहा था, लेकिन मांझे में उलझने के कारण वह और अधिक घायल होता जा रहा था।

साहस और संवेदनशीलता का परिचय

तभी गांव के युवक सुरेश मईड़ा की नजर उस तड़पते पक्षी पर पड़ी। बिना समय गंवाए सुरेश पेड़ की ऊंची शाखाओं पर चढ़ गए। पेड़ की ऊंचाई और धारदार चाइना डोर के खतरे के बावजूद उन्होंने अत्यंत सावधानी से बगुला के पंखों में उलझी डोर को काटा और उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!