आरएसएस स्थापना शताब्दी वर्ष पर ग्राम परवलिया में विशाल हिंदू संगम का आयोजन

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परवलिया@उमेश पाटीदार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना शताब्दी वर्ष के अवसर पर झाबुआ जिले के ग्राम परवलिया में विशाल हिंदू संगम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के 10 गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्वयंसेवक, मातृशक्ति, युवा एवं बुजुर्गजन शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य संघ की 100 वर्षों की यात्रा को स्मरण करते हुए राष्ट्र और समाज सेवा को नई गति देना रहा।

मुख्य वक्ता अथर्व शर्मा का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अथर्व शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ की स्थापना का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज कार्य को और अधिक सशक्त बनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश सहित विश्वभर में जिस प्रकार की चुनौतियाँ सामने हैं, ऐसे समय में केवल बताने का नहीं बल्कि संगठित होने का समय है।
उन्होंने स्वयंसेवकों द्वारा समाज में “पथ परिवर्तन” के विषय को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए संघ की 100 वर्षों की विचारधारा और सेवा यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।

संत पवन कृष्ण जी शर्मा के विचार
मंच पर उपस्थित संत एवं भागवत कथा वाचक पवन कृष्ण जी शर्मा ने कहा कि हिंदू केवल एक धर्म नहीं, बल्कि सभी पंथों की जड़ है। यह हमारा सौभाग्य है कि हमें भारत जैसी पुण्यभूमि में जन्म मिला, जहाँ प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ।
उन्होंने समाज से जाति-पाति के भेदभाव को भूलकर हिंदू समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया।
मातृशक्ति की भूमिका पर चंद्रकला दीदी का संदेश
मंच पर मातृशक्ति के रूप में उपस्थित चंद्रकला दीदी ने
समाज के लिए पाँच महत्वपूर्ण बातों को अपनाने का आह्वान किया—
समाज से हर प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना।
सप्ताह में कम से कम एक दिन पूरे परिवार के साथ बैठकर भोजन करना।
ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या के समाधान हेतु व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रयास करना।
अपने मार्ग पर दृढ़ता से चलना और घर-परिवार में शुद्ध व सुंदर भाषा का प्रयोग करना।
धर्म का सम्मान करते हुए उसका आचरण करना तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करना।
उन्होंने कहा कि संविधान हमारे पुरखों की देन है, जो प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ दायित्वों का भी बोध कराता है।
भव्य जुलूस और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
हिंदू संगम के अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता देखने को मिली। युवाओं और बुजुर्गों ने हाथों में तीर-कमान लेकर ढोल-मंडल की थाप पर नृत्य करते हुए अतिथि पवन कृष्ण जी शर्मा का ग्राम में भव्य जुलूस निकालकर स्वागत किया।
अतिथियों का सम्मान
मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से साफा, नारियल एवं तिलक लगाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।





