शिव महापुराण कथा जगन्नाथ पुरी उड़ीसा, जीवन में चाहे कुछ भी हो किसी के साथ षड्यंत्र नहीं करना चाहिए, आचार्य श्री जेमिनी जी..!

#Jhabuahulchul
सारंगी@संजय उपाध्याय
शिव महापुराण कथा श्रवण करने से मनुष्य को अपने जीवन में नई ऊर्जा मिलती है कोई मेरा स्वरूप मानकर पत्थर भी पूजेगा मैं वहां आऊंगा अगर शिव मंदिर नहीं मिल रहे हैं अपने दाहिने हाथ का अंगूठे शिवलिंग मानकर उसकी पूजा करने से वही फल मिलता है पूजा के अलावा माता-पिता को भी सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ माना गया है जीवन में कभी भी माता-पिता का अपमा नहीं करना चाहिए माता-पिता की सेवा करने से जन्मो जन्म का पुण्य प्राप्त होता है जीवन में कभी भी अपने माता-पिता को दुखी मत होने देना माता-पिता दुखी मतलब तुम भी जीवन में कभी सुखी नहीं रह पाओगे यात्रा करने से ज्ञान प्राप्त होता है 12 ज्योतिर्लिंग अगर नहीं जा पाए उज्जैन बाबा महाकाल जाईए वहां जाकर 84 कोश की यात्रा करना चाहिए भगवान के प्रेमी बनना है अपने आचरण सुधारना होगा चाहे कुछ भी हो जाए जीवन के सिद्धांत एवं नियम नहीं बदलना चाहिए जो सत्कर्म नहीं करना चाहते हैं उन्हें अपने कर्म पर छोड़ दो भक्ति करने वालों को भगवान शिव पर पूर्ण विश्वास एवं भरोसा करना चाहिए हमें भगवान निश्चित रूप से साथ देंगे मनुष्य का विनाश अहंकार कर देता है मन एक जगह नहीं होगा तो भगवान की आराधना में मन नहीं लगेगा बुद्धि शुद्ध करो अहंकार मत करो और में का उपयोग मनुष्य को जीवन में कभी भी नहीं करना चाहिए जीवन में मनुष्य के साथ चाहे कुछ भी हो जाए किसी के साथ भी षड्यंत्र नहीं करना चाहिए।





