विशेष गहन पुनरीक्षण–2026, झाबुआ जिले में प्रारूप मतदाता सूची जारी, स्टैंडिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न 3 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता, हटाए गए नाम और नए मतदान केंद्रों का पूरा ब्यौरा..!

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झाबुआ@हरीश यादव
झाबुआ जिले में फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा मीना ने की। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में सभी राजनीतिक दलों को प्रारूप निर्वाचक नामावली की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई गई। साथ ही जानकारी दी गई कि जिले के सभी 1,113 मतदान केंद्रों पर ड्राफ्ट मतदाता सूची चस्पा की जा रही है।

विधानसभा वार मतदाता स्थिति (23 दिसम्बर 2025)
विधानसभा 193 – झाबुआ
प्रारंभिक मतदाता (27 अक्टूबर 2025): 3,29,151
प्रारूप प्रकाशन के समय: 3,09,674
हटाए गए नाम: 19,477
मतदान केंद्र: 356 से बढ़कर 406
विधानसभा 194 – थांदला
प्रारंभिक मतदाता: 2,77,257
प्रारूप प्रकाशन के समय: 2,64,231
हटाए गए नाम: 13,026
मतदान केंद्र: 304 से बढ़कर 338
विधानसभा 195 – पेटलावद
प्रारंभिक मतदाता: 3,00,685
प्रारूप प्रकाशन के समय: 2,87,749
हटाए गए नाम: 12,936
मतदान केंद्र: 321 से बढ़कर 369
जिले की कुल मतदाता स्थिति
प्रारंभिक कुल मतदाता: 9,07,093
प्रारूप सूची में दर्ज मतदाता: 8,61,654
कुल हटाए गए नाम: 45,439
मैपिंग नहीं हो सकी: 1,964 मतदाता (0.22 प्रतिशत)
हटाए गए नामों के कारण
मृत: 14,055
स्थानांतरित: 22,051
अनुपस्थित: 3,067
पहले से पंजीकृत: 6,176
अन्य कारण: 90
मतदाता वर्गीकरण की प्रमुख जानकारी
18+ नए मतदाता: 8,164
20 से 29 आयु वर्ग: 2,26,088
85 वर्ष से अधिक आयु: 4,302
100 वर्ष से अधिक आयु: 149
थर्ड जेंडर मतदाता: 14
दिव्यांग मतदाता: 13,863
सर्विस वोटर: 141
ईपी रेशियो: 66
जेंडर रेशियो: 1003
दावा–आपत्ति की समय-सीमा
दावा एवं आपत्ति: 23 दिसम्बर 2025 से 22 जनवरी 2026
सुनवाई एवं दस्तावेज सत्यापन: 23 दिसम्बर 2025 से 14 फरवरी 2026
अंतिम निर्णय: ईआरओ द्वारा
अपील का अधिकार:
30 दिवस में जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष
उसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष
प्रशासन का संदेश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा मीना ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य जिले में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ किया गया है। राजनीतिक दलों के बीएलए की सक्रिय भागीदारी रही।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी राजनीतिक दल ड्राफ्ट मतदाता सूची का गहन अध्ययन करें, नए मतदान केंद्रों पर बीएलए की नियुक्ति करें और विधानसभा स्तर पर नियमित रूप से स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें आयोजित की जाएं।





