सारंगी

भागवत कथा केवल सत्य से प्रसन्न होती है, यह मृत्यु के भय को खत्म कर हंसते हुए जीना सिखाती है,,,श्रेष्ठ कर्म करने वाले मनुष्य को परमधाम की प्राप्ति होती है पंडित शास्त्री जी…!

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सारंगी@संजय उपाध्याय

नगर के खेड़ापति हनुमान जी मंदिर प्रांगण में 9 सितंबर से 15 सितंबर तक सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें कथावाचक पंडित कमलेश जी शास्त्री दलोदा वाले के मुखारविंद से संगीत मय भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है कथा के मुख्य यजमान कैलाश पाटीदार है कथा श्रवण करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल में पहुंच रहे हैं कथा 11 से 4 बजे तक सुनाई जा रही है। पंडित शास्त्री ने बताया की भागवत कथा में जीवन जीने का सार है, जो भक्त इस कथा का सच्चे मन से श्रवण करता है उसे असीम आनंद की प्राप्ति होती है साथ ही व्यक्ति परमात्मा की भक्ति में लीन होकर जीवन जीने की सही राह और मार्ग भी प्रशस्त्र होता है जीवन में श्रेष्ठ धर्म और श्रेष्ठ कर्म करने वाले मनुष्य को निश्चित ही परमधाम की प्राप्ति होती है वह व्यक्ति ईश्वर के समीप होकर उन्हें प्रिय होता है भागवत में कलयुग में जीवन जीने का सही रास्ता बताया गया है हमें जीवन पर्यत सत्कर्म करने के साथ सत्य मार्ग पर चलना चाहिए कथा के दौरान श्री कृष्ण जन्मोत्सव भी बड़ी धूमधाम से मनाया गया जिसमें छोटे बालक को श्री कृष्ण की वेशभूषा में सजाकर टोकरी में कथा परिसर में लाया गया कथावाचक पंडित शास्त्री ने बाल गोपाल को लाड दुलार किया इस दौरान श्री कृष्ण भजनों पर भक्तों ने भाव विभोर होकर नृत्य किया पूरा कथा परिसर भगवान श्री कृष्ण एवं श्री राधे राधे के जय कारों से गूंज उठा कथा का प्रतिदिन संगीतमय सुमधुर तरीके से वा चन हो रहा है कथा की विश्रांति पर महा आरती एवं महाप्रसादी का वितरण किया जा रहा है।

भागवत कथा में व्यास पीठ पर पंडित श्री कमलेश जी शास्त्री का बसेर परिवार की ओर से जितेंद्र बसेर द्वारा पंडित जी का शाल श्रीफल एवं माला पहना कर सम्मान किया एवं आशीर्वाद लिया। कथा के मुख्य यजमान कैलाश पाटीदार ने बताया कि यह कथा श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों के उधार एवं पितरों की आत्म शांति के लिए आयोजित कि जा रही है श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ ले रहे हैं।

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