मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पेटलावद हेलीपैड पर पारंपरिक स्वागत, 345 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण…!

#Jhabuahulchul
पेटलावद@संजय उपाध्याय/आयुष पाटीदार
आज झाबुआ जिले के पेटलावद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य स्वागत हुआ। जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगा यह स्वागत समारोह लाडली बहना योजना की 28वीं किश्त के अंतरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का हिस्सा था। आइए विस्तार से जानते हैं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की महत्वपूर्ण बातें।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाडली बहनों के खातों में 28वीं किश्त के तहत 1541 करोड़ रुपये से अधिक राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करने के लिए पेटलावद हेलीपैड पहुँचे। उनका स्वागत जनजातीय नृत्य दल ने पारंपरिक ढोल-मांडल वादन के साथ किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं थाली थामकर वादन किया और नृत्य दल के प्रत्येक सदस्य को 5-5 हजार रुपये पारितोषिक देने की घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ झाबुआ के प्रभारी मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, संभागायुक्त इंदौर डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी अनुराग, कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेटलावद का सौंदर्य और मेहनतकश आदिवासी भाई-बहनों का जीवन देखने योग्य है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने लाडली बहना योजना के तहत राशि को 1,000 से बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। दिवाली के बाद यह राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये की जाएगी और 2028 तक 3,000 रुपये प्रतिमाह दी जाएगी।
इस मौके पर प्रदेश के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 53.48 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों को 320.89 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक के माध्यम से स्थानांतरित किए गए। साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 31 लाख से अधिक महिलाओं को 48 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि भी दी गई।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पीएम मित्रा पार्क का शुभारंभ 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस पार्क से स्थानीय आदिवासी भाई-बहनों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या दूर होगी। इसके साथ ही 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य जांच और 5 लाख तक की नि:शुल्क बीमा सुविधा भी प्रदान की जाएगी। साथ ही जनजातीय पर्व भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा देने की घोषणा की।
सबसे बड़ी घोषणा यह भी रही कि झाबुआ जिले में कुल 345.34 करोड़ रुपये लागत के 72 से अधिक विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया। इसमें सड़क निर्माण, नए बस स्टैंड का निर्माण, घाट का सुंदरीकरण, नलजल परियोजना सहित अनेक योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा “झाबुआ के संजीवक” नामक पुस्तक का विमोचन भी हुआ, जिसमें जनजातीय आयुर्वेदिक चिकित्सा परंपरा का दस्तावेजीकरण किया गया है।
अंत में बीपीएल दिव्यांग हितग्राहियों को कस्टमाइज्ड पेट्रोल मोटरसाइकिल वितरित की गई। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और योजनाओं की प्रशंसा की।
कार्यक्रम के समापन पर हितलाभ वितरण किया गया और बड़ी संख्या में लाडली बहनाएं, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश सरकार की सामाजिक और आर्थिक विकास योजनाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है। आने वाले समय में झाबुआ क्षेत्र में इन पहलों से न केवल विकास होगा बल्कि स्थानीय जनजातीय भाई-बहनों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।





