पेटलावद

शिक्षा की ज्योति – सुश्री रेखा गिरी का प्रेरणादायी सफर..!

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पेटलावद@ओपी मालवीय

कहा जाता है कि एक अच्छा शिक्षक सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि वह बच्चों के जीवन में उजाला भरता है। शिक्षक दिवस के इस अवसर पर ऐसी ही एक समर्पित शिक्षिका सुश्री रेखा गिरी की कहानी सामने आती है, जिन्होंने अपनी लगन और परिश्रम से हजारों बालिकाओं की जिंदगी संवार दी।

झाबुआ जिले के थांदला की निवासी रेखा गिरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थांदला से पूरी की। उच्च शिक्षा भी उन्होंने थांदला के शासकीय महाविद्यालय से ही प्राप्त की। वर्ष 1998 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से अर्थशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण की और विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में पाँचवाँ स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। उसी वर्ष डी.एड. और बी.एड. भी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर उन्होंने शिक्षा जगत में कदम रखा।

शिक्षण सेवा की शुरुआत

वर्ष 1998 में ही उनकी नियुक्ति शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थांदला में शिक्षिका के पद पर हुई। यहाँ उन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को पढ़ाया। उनके अध्यापन का परिणाम इतना प्रभावी रहा कि हर वर्ष शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त हुए।

हालाँकि उनका विषय अर्थशास्त्र था, फिर भी उन्होंने गृह विज्ञान, कृषि और वाणिज्य विषयों की कक्षाओं का दायित्व संभाला। कृषि संकाय की 31 बालिकाओं ने ‘फसल उत्पादन’ में विशेष योग्यता हासिल की। कॉमर्स संकाय की छात्रा नेहा ने मेरिट सूची में स्थान पाया। इन उपलब्धियों के लिए उन्हें जिला कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

कक्षा से बाहर की गतिविधियाँ

रेखा गिरी सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, साहित्यिक गतिविधियाँ, छात्राओं के भ्रमण और करियर काउंसलिंग जैसी जिम्मेदारियाँ भी निभाईं। उन्होंने बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। उनके मार्गदर्शन से कई छात्राएँ आज प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, बैंकिंग और कृषि विस्तार जैसे क्षेत्रों में पदस्थ हैं।

सामाजिक और प्रशासनिक योगदान

उन्होंने शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक पेटलावद में मतदाता जागरूकता रैलियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाइक और मशाल रैलियाँ आयोजित कराई। निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने पर उन्हें एसडीएम और जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया गया। लोकसभा चुनाव 2024 में बेहतरीन कार्य के लिए कलेक्टर सुश्री नेहा मीना ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

सम्मान और उपलब्धियाँ

शिक्षा और समाज के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया गया है।

पत्रकारों द्वारा शिक्षक दिवस पर सम्मान पत्र

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष सम्मान

अयोध्या फाउंडेशन द्वारा परशुराम सेवा सम्मान

नगर परिषद पेटलावद द्वारा गणतंत्र दिवस पर लगातार प्रशस्ति पत्र

ब्लॉक और जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर एवं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन में सक्रिय भूमिका

खंड स्त्रोत समन्वयक के रूप में योगदान

2022-23 में खंड स्त्रोत समन्वयक के पद पर रहते हुए उन्होंने पीएम पोषण योजना का सफल क्रियान्वयन किया। शाला त्यागी बच्चों का पुन: नामांकन, पाठ्यपुस्तक और साइकिल वितरण, प्रशिक्षण कार्य और शैक्षिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संपन्न कराया। कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम लाने हेतु विशेष प्रयास किए।

इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयों और छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कर बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया। साक्षरता सर्वे और मॉनिटरिंग के माध्यम से निरंतर यह प्रयास किया कि क्षेत्र से निरक्षरता समाप्त हो सके।

प्रेरणा की मिसाल

सुश्री रेखा गिरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि जब एक शिक्षक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य करता है तो न केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवरता है, बल्कि समाज और राष्ट्र भी मजबूत होता है।

शिक्षक दिवस पर हम सबकी ओर से सुश्री रेखा गिरी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ, जिन्होंने शिक्षा को अपना धर्म मानकर जीवन समर्पित किया और अपने कार्यों से पूरे जिले का मान बढ़ाया।

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