झाबुआ

भगवान महावीर का जन्मोत्सव झाबुआ में धूमधाम से मनाया गया…!

#Jhabuahulchul 

झाबुआ@हरीश यादव 

पर्युषण महापर्व के पाँचवे दिन भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय श्री ऋषभदेव बावन जीनालय के पौषध भवन में कल्पसूत्र का वाचन परम पूज्य साध्वी भगवत रत्न रेखा श्रीजी, अनुभवदृष्टा श्रीजी एवं कल्पदर्शिता श्रीजी के सान्निध्य में जारी है।

जन्म वाचन और धार्मिक अनुष्ठान

रविवार को साध्वी भगवत श्रीजी द्वारा भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन विजय मुहूर्त दोपहर 12:39 पर किया गया। इस दौरान संजय काठी परिवार कल्पसूत्रजी के साथ उपस्थित रहा। जन्म वाचन की सूचना लाभार्थी निर्मल मेहता परिवार ने डंका बजाकर दी और पालना झुलाने का लाभ पालना लाभार्थी परिवार ने लिया। प्रमोद भंडारी परिवार ने 14 स्वप्नों को बंधाकर लाभ प्राप्त किया, वहीं अनिल रूनवाल द्वारा केसरिया छापे लगाने का लाभ लिया गया।

तप और भक्ति का संगम

पूज्य साध्वीजी ने अपने प्रवचन में तिलक लगाने के महत्व को बताते हुए इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने समझाया कि तिलक का अर्थ वीतराग प्रभु की आज्ञा को शिरोधार्य करना है। सामूहिक स्वामीवात्सल्य का आयोजन भी दोपहर में हुआ। साध्वी कल्पदर्शिता श्रीजी ने नमस्कार महामंत्र का सुमधुर गायन कर श्रावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

तपस्वियों का संकल्प

जन्मोत्सव के अवसर पर 8 उपवासियों सहित 10 से अधिक तपस्वियों और 200 से अधिक आयंबिल एवं एकाशना करने वाले तपस्वियों ने साध्वीजी से प्रत्याख्यान लिया।

भव्य रथयात्रा

जन्म वाचन के बाद भगवान महावीर स्वामी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। मांगूबेन शांतिलाल सकलेचा भगवान के साथ रथ में बैठीं। रथ के सारथी तपस्वी निशान शाह थे। रथयात्रा में सबसे आगे श्रावक वर्ग चल रहे थे, उसके बाद भगवान का रथ और फिर साध्वीजी, समाज की श्राविकाएँ 14 स्वप्नों को सिर पर धारण कर चल रही थीं। जगह-जगह समाजजनों ने अक्षत एवं श्रीफल से गहुली कर स्वागत किया। रथयात्रा रूनवाल बाजार, थांदला गेट, मेन मार्केट, राजवाड़ा मार्ग से होती हुई पुनः जिनालय पहुँची।

महाआरती और सजावट

जीनालय पहुँचने के बाद विभिन्न आरतियों का लाभ लिया गया।

महावीर स्वामी की महाआरती का लाभ मांगूबेन शांतिलाल सकलेचा परिवार ने लिया।

मूलनायक भगवान की आरती आनंदीदेवी लक्ष्मीचंद जी नेताजी परिवार ने उतारी।

केसरियानाथ भगवान की आरती राजेंद्र रूनवाल परिवार द्वारा हुई।

मुनिसुव्रत स्वामी की आरती अशोक राठौर परिवार ने उतारी।

मंगलदीवा एवं गुरुदेव की आरती मनोज वागमलजी कोठारी परिवार ने की।

नमस्कार महामंत्र की आरती उल्लास उमंग जैन परिवार द्वारा और गौतम स्वामी की आरती सूर्यप्रकाश कोठारी परिवार द्वारा की गई।

आरती के बाद श्यामूबाई रतनलाल, मुकेश रूनवाल परिवार ने पंजेरी की प्रभावना वितरित की। इस अवसर पर भगवान महावीर स्वामी और अन्य प्रतिमाओं की सोने-चाँदी की वर्क से अंगरचना की गई। युवाओं ने दीप सज्जा से जिनालय को सजाया। प्रतिक्रमण के बाद प्रभु भक्ति का आयोजन हुआ।

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