थांदलाबामनिया

सेमलिया हाई स्कूल बना धर्मशाला..?…12 बजे पहुंचते प्राचार्य, 10 बजे की लगती हाजिरी बच्चों का भविष्य दांव पर…

#Jhabuahulchul 

थांदला/बामनिया@जितेंद्र बैरागी 

शिक्षा को जीवन की नींव माना जाता है, लेकिन थांदला विकासखंड की ग्राम पंचायत सेमलिया का शासकीय हाई स्कूल इन दिनों सवालों के घेरे में है। यहां की व्यवस्थाएं ऐसी हैं कि स्कूल कम और धर्मशाला ज्यादा नजर आ रहा है।

परीक्षा सिर पर, फिर भी नहीं हुए टेस्ट परीक्षा के अंतिम दिनों तक विद्यार्थियों का नियमित टेस्ट नहीं लिया गया। कई विषयों की अभी तक कॉपियां भी पूरी तरह नहीं बनीं। ऐसे में छात्रों की शैक्षणिक तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

समय पर नहीं पहुंचते जिम्मेदार

सूत्रों के अनुसार स्कूल के प्राचार्य प्रतिदिन लगभग 11:57 बजे स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन हाजिरी रजिस्टर में 10 बजे का समय दर्ज किया जाता है। इतना ही नहीं, उपस्थिति रजिस्टर भी अपने साथ घर ले जाने की शिकायत सामने आई है, जिससे अन्य शिक्षक समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे।

बच्चों को पानी भी खुद लाना पड़ता है

स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। विद्यार्थियों को पीने का पानी बाहर मकोडिया से लाना पड़ता है। यह स्थिति शिक्षा विभाग की लापरवाही को उजागर करती है।

बड़ा सवाल जिम्मेदार कौन,,।

जब स्कूल का मुखिया ही समय पालन और पारदर्शिता का पालन नहीं करेगा तो बाकी व्यवस्था कैसे सुधरेगी। इस पर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं जनपद सदस्य और ग्रामीणों, अभिभावकों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे। बच्चों का भविष्य किसी की लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेता है

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