जिस घर में गोमाता की सेवा, संतो का सम्मान और माता पिता की सेवा की जाती है वहा देवताओं का वास होता है – पंडित श्री अखिलेश जी अग्निहोत्री वृन्दावन…

मोक्ष स्थली नेमिषारण्य में भागवत कथा श्रवण से मिलती है मुक्ति, पुराणों में है बड़ा महत्त्व
मालवा क्षेत्र के भक्त कर रहे कथा श्रवण,चोरासी कोस धर्म यात्रा
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झकनावदा@नारायण राठौड़
जिस घर मे गोमाता कि सेवा, सन्तो का सम्मान और माता -पिता कि सेवा होती है उस घर मे देवताओं का वास होता है, उक्त बात कथा व्यास पण्डित अखिलेश जी अग्निहोत्री श्री धाम वृन्दावन के द्वारा तीर्थ स्थली नेमिषारण्य मे हो रही श्रीमद्भभागवत कथा के पांचवे दिवस कथा श्रवण कर रहे भक्तजन को कही ।
मोक्ष स्थली नेमिषारण्य में भागवत कथा श्रवण का है बड़ा महत्त्व
हमारे पौराणिक मान्यताओं और धर्म ग्रन्थो के अनुसार नेमिषारण्य ही भारत भूमि की वह पवित्र धर्म और मोक्ष स्थली है जहां पर अर्जुन के वंशज राजा परीक्षित के शापित होने पर मोक्ष ओर मुक्ति के निमित श्री सुत जी महाराज ने सात दिवस तक श्रीमद्भभागवत कथा श्रवण करवाई थी। इसीलिए इस नेमिषारण्य स्थली में भागवत कथा श्रवण करना बड़ा महत्व है ।

त्रियोदस वार्षिकोत्सव चोरासी कोसीय यात्रा और श्रीमद्भभागवत कथा का हो रहा भव्य आयोजन
उल्लेखनीय है कि आयोजक विष्णु धाम गोसेवा आश्रम तीर्थ नेमिषारण्य के तत्वाधान मे दिनाक 18 फरवरी से 27 फरवरी तक सयोंजक पण्डित श्री सन्तोष शाहबादी ओर व्यवस्थापक पण्डित श्री आदित्य शाहबादी के द्वारा त्रियोदश वार्षिकोत्सव नेमिषारण्य चोरासी कोसीय यात्रा एवम श्रीमदभागवत कथा का भव्य आयोजन प्रसिद्ध कथा व्यास पण्डित श्री अखिलेश जी अग्निहोत्री श्रीधाम वृन्दावन के मुखारविंद से किया जा रहा है।
मालवा क्षेत्र के भक्त कर रहे धर्म यात्रा,कथा श्रवण ओर चोवीस कोस यात्रा
उक्त कथा के शुभारम्भ मुख्य जजमान राजगोर ब्राह्मण समाज के वरीष्ट एवम राजगढ़ सरदारपुर के सेवानीव्रत सीएमओ ओंकारलाल पुरोहित के द्वारा पोथी यात्रा के साथ बड़े ही धूमधाम से हुआ।ओर निरंतर भक्ति और ज्ञान का रसपान भक्तों के द्वारा चौरासी कोस यात्रा के साथ किया जारहा है। इस धर्म यात्रा मे भोपाल, पेटलावद, कल्याणपुरा, गोंदीखेड़ा, सरदारपुर, राजगढ़, राजोद, रानीखेड़ी, सहित पूरे मालवा क्षेत्र के भक्तों द्वारा शामिल होकर धर्म लाभ लिया जा रहा है।





