खवासा

बहारों फूल बरसाओ, मेरे महाकाल आए हैं… निराले दूल्हे बने बाबा महाकाल; भव्य शिव बारात में उमड़ा जनसैलाब, शिवमय हुआ नगर

#Jhabuahulchul 

खवासा@आयुष पाटीदार/आनंदीलाल सिसोदिया

खवासा नगर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष भी अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और विधि-विधान के साथ मनाया गया। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर सुबह से ही नगर सहित आसपास के सभी शिव मंदिरों में दर्शन पूजा अर्चना करने श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगना शुरू हो गई थीं।

नगर के प्राचीन शंकर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। पंडित ओमप्रकाश दुबे के सानिध्य में कमलेश श्रोत्रीय, परमानंद भट्ट, चेतन त्रिवेदी द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न करवाया। हवन में बैठने का लाभ राजेंद्र केलोत्रा द्वारा लिया गया। अलसुबह से श्रद्धालुओं ने जल, दुग्ध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया तथा दिनभर उपवास रखकर आराधना की।

रविवार शाम को महाशिवरात्रि का मुख्य आकर्षण प्राचीन शंकर मंदिर से निकली बाबा महाकाल की भव्य शिव बारात रही। बाबा महाकाल को निराले दूल्हे के रूप में आकर्षक रूप से सुसज्जित रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण करवाया गया। शिव बारात में सैकड़ों श्रद्धालु बैंड बाजे की धुन पर नाचते-झूमते शामिल हुए। वहीं मंदिर प्रांगण को आकर्षक विद्युत लाइट डेकोरेशन से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर देर शाम तक भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

शिव बारात नगर के मुख्य मार्गों—राम मंदिर, गणेश मंदिर, हनुमान मंदिर, जैन मंदिर, नीम चौक और पाटीदार मोहोल्ले से होते हुई पुनः प्राचीन शंकर मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। शिव बारात समापन के बाद मंदिर में बाबा महाकाल की महाआरती की गई। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण किया गया। अलसुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगा रहा।

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